आजादी के बाद भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त :T.N.SESHAN ,जानें उनके कुछ रोचक तथ्य’

Spread the love

आजादी के बाद भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन रहे हैं.उन्होंने भारत की आजादी के बाद पहली बार चुनाव सुधारों के लिए अहम फैसले लिए.टी एन शेषन से पहले लोग चुनावों में वोट तो डालते थे,मगर उनको चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के संबंध में कोई जानकारी नहीं होती थीं.जब से टीएन शेषन ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सबकी जुबान पर एक ही नाम रहता था जो टीएन शेषन ही था.

Read also—http://भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश 1950

भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त :टीएन शेषन परिचय

टीएन शेषन का जन्म 15 दिसम्बर सन 1932 को केरल के पलक्कड़ जिले के तिरुनेलै (Thirunellaye) स्थान पर हुवा था.उनका पूरा नाम तिरुनेलैई नारायन अयर शेषन (Tirunellai Narayana Iyer Steshan) था.

भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त टी एन शेषन ।जिनको भारत में चुनाव सुधारो के लिए हमेशा याद किया जाता है।
भारत में चुनाव सुधारों के सूत्रधार टीएन शेषन।

शिक्षा (Education):

हाई स्कूल :-इवैंजेलिकन मिशन हायर सेकंडरी

इंटरमीडिएट-गवर्नमेंट विक्टोरिया कालेज पलक्कड़

स्नातक:पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त शेषन ने मद्रास के क्रिश्चियन कालेज से भौतिक विज्ञान में स्नातक पास किया.

सिविल सेवा में एंट्री:

भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन बचपन से ही प्रतिभाशाली थे.उनकी रुचि वैज्ञानिक बनने की थी,मगर उस वक्त वैज्ञानिक बनने के अवसर कम थे.वे भारतीय सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए.1953 में उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में प्रथम रंक प्राप्त की .लेकिन उन्होंने इसको जॉइन नहीं किया.

भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन ने 1954 में भारतीय प्रशासनिक सेवा पास की.ट्रेनी के रूप में 1955 में उन्होंने मद्रास कैडर जॉइन किया.उनको कोयम्बटूर में एक साल तक बतौर असिस्टेंट कलेक्टर नियुक्त किया गया.

1962 में शेषन को मद्रास(चेन्नई) राज्य परिवहन निगम का निदेशक नियुक्त किया गया.इस दौरान उनके जीवन में एक अजीब घटना घटी जब एक बस ड्राइवर ने उनसे ये कह दिया कि आपको इंजन की जानकारी है,आपको बस चलाना आता है?शेषन ने इस घटना के बाद मैकेनिक से इंजन की पूरी जानकारी हांसिल की.

उनकी ईमानदारी और काम करने की कार्यशैली ऐसी थी थी कि बड़े-बड़े से बड़े राज नेता और मंत्री उनजे सामने आने से हिचकिचाते थे.

रोचक तथ्य:जब एक ही दिन में 6 बार ट्रांसफर किया गया था.

भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन अपनी कार्य शैली के लिए पहचाने जाते हैं.उनकी जीवनी लिखने वाले हैली के. अस्मेरोम और एलिसा पी. रीस द्वारा संपादित किताब डेमोक्रेटाइजेशन एंड ब्यूरोक्रेटिक न्यूट्रेलिटी में टी.एन. शेषन के संघर्ष की कहानी का जिक्र है. इस किताब में पेज नंबर 275 पर लिखा है कि 1962 में टी.एन. शेषन का एक ही दिन में सुबह 10.30 बजे से 5 बजे शाम तक 6 बार ट्रांसफर किया गया था. टी.एन. शेषन ने एक ग्रामीण अफसर को 3000 रुपए का घपला करने के लिए रोका था, इसलिए उनका ट्रांसफर हुआ था. इतना नही नहीं, रेवेन्यू मंत्री की बात न मानने पर टी.एन. शेषन को तमिलनाडु में मंत्री ने अपनी गाड़ी से ऐसी जगह उतार दिया था, जहां सुनसान इलाका था.

भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ऐतिहासिक कार्य:

टीएन शेषन ने 12 दिसम्बर 1990 से 11 दिसंबर 1996 तक भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला.90 के दशक तक भारत में चुनाव बैलेट से ज्यादा बुलेट से जीते जाते थे.चुनावों में आचार संहिता का खुलकर उलंघन होता था.चुनावों में धनबल, शराब और अन्य प्रकार के अनुचित साधनों का खुले आम प्रयोग किया जाता था,ऐसा लगता था कि चुनाव आयोग नेताओं और राजनीतिक दलों की जेब में बंद है.उनके द्वारा किये गए चुनाव सुधार इस प्रकार हैं-

  • वोटर आईडी कार्ड की अनिवार्यता
  • आचार संहिता को कठोरता से पालन करवाया.
  • उम्मीदवारों के खर्चे पर अंकुश लगाया.
  • चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरूपयोग पर शख्ती से रोक लगाई.
  • निर्वाचन में पर्यवेक्षक की तैनाती को और अधिक सुदृढ़ता से लागू किया.
  • चुनाव प्रचार के लिए धर्म स्थलों के इस्तेमाल पर कड़ाई से रोक लगाई.
  • जाति या सांप्रदायिक आधार पर वोट देने की अपील पर रोक.
  • भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उन्होंने मतदाताओं को लुभाने या डराने की व्यवस्था को खत्म किया.
  • पूर्व अनुमति के बगैर लाउडस्पीकर पर रोक.

जब छीन लिया था राजीव गांधी के हाथ से बिस्किट:

ये सर्वविदित है कि भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन को कांग्रेस विचार धारा जा माना जाता था,जो आगे में सपष्ट करूँगा.ये भी जगजाहिर है कि राजीव गांधी के वे सबसे विश्वसनीय अधिकारियों में से एक थे.और राजीव गांधी की सलाह पर ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त का पद स्वीकार किया था. घटना तब की है जब शेषन कैबनेट सचिव थे,और एक बैठक में राजीव गांधी जे साथ वो भी बगल में बैठे थे जैसे ही राजीव गांधी ने बिस्किट उठाया शेषन ने उनके हाथ से बिस्किट छीन लिया .सभी हैरान थे,टीएन शेषन ने तब कहा आप प्रधानमंत्री हैं ,बिना जांच के आपको ऐसे ही कुछ भी नहीं खाना चाहिए .कैबनेट सचिव होने के नाते ये मेरी जिम्मेदारी बनती है.

भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन और प्रधानमंत्री राजीव गांधी
टीएन शेषन और राजीव गांधी

पुरस्कार:

टीएन शेषन को सरकारी सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य के लिए 1996 में मैग्सेसे पुरस्कार मिला.

राजनीतिक सफर:

टीएन शेषन 1997 में गुजरात की गांधी नगर लोक सभा सीट से चुनाव भी लड़े. उन्होंने ये चुनाव कांग्रेस के चुनाव निशान पर लाल कृष्ण आडवानी के खिलाफ लड़ा था,लेकिन वो चुनाव हार गए थे.

भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन ने 1997 में राष्ट्रपति का चुनाव भी लड़ा ,मगर वे के आर नारायणन से चुनाव हार गए.

सामाजिक कार्य:

एक कुशक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जन सेवा ही की. सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने ‘देश भक्त ट्रस्ट’बनाया.

पुस्तक:

उन्होंने अपने कार्यकाल के कड़वे अनुभवों और भारत में भरस्टाचार ,राजनीति के गिरते स्तर को देखते हुए एक पुस्तक भी लिखी है.जिसका नाम है-

The Degeneration of India,

भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन की पुस्तक।
टीएन शेषन द्वारा लिखी गयी पुस्तक

निधन:

भारत को लोकतंत्र की मजबूती के लिए नई राह दिखाने वाले भारत के 10 वें मुख्य चुनाव आयुक्त का निधन 10 नवंबर 1919 को चेन्नई में हो गया.


Spread the love

Leave a comment